भोकाल
(एक रूम है,खिड़की खुली हुई है,सुबह होने वाली है,स्ट्रीट लईट जल रही है,रूम में ढेर सारी किताब बिखरी हुई है,कपडा इधर-उधर फेंका हुआ है, सिगरेट का बड ज़मीन पे फेका हुआ है,२-४ कप रखी हुई है और घड़ी में ४ बज रहा है|)
[एक आदमी पूरी नींद में सो रहा है...इतनी नींद में की जैसे मर गया हो.
तभी वहां यमराज प्रकट होते है और उस आदमी को उठाते है|]
यम-उठो बालक,तुम्हारा समाये पूरा हुआ|
(आदमी नींद में मुह चलाता है और सोया हीं रहता है,)
यम-बालक...बालक...उठो अब तुम्हारे जीवन का समय समाप्त हुआ|
(आदमी फिर भी नही उठता)
यम(गुस्से में )-उठो sss (खूब जोर से )
यम उसके चेहरे पे पानी गिरता है...
आदमी गुस्से से उठता है,बहुत गुस्से से यम को देखता है और पूछता है -कौन हो तुम?
यम-हम काल हैं........
आदमी उसी गुस्से में-तो हम "भोकाल" है....

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